समझौते का तंत्र
निर्णय के दौरान लक्ष्य के पक्ष और विरोध में प्रमाण धीरे-धीरे जुड़ता है। उत्तर तब दिया जाता है जब जमा प्रमाण एक आंतरिक सीमा तक पहुँचता है। समय दबाव या तेजी का पुरस्कार सीमा नीचे ला सकता है, जिससे उत्तर जल्दी और अधिक त्रुटिपूर्ण होते हैं। गलती की बड़ी कीमत सीमा ऊपर ले जाती है। संकेत अधिक स्पष्ट होने या नियम बेहतर सीखने पर प्रमाण उपयोगी दिशा में तेजी से बन सकता है; यह केवल सीमा बदलने से अलग प्रकार का सुधार है। पहचान और बटन दबाने का समय भी कुल प्रतिक्रिया में जुड़ता है।
संयुक्त माप क्यों जरूरी है
हर दशा के लिए सही और गलत उत्तरों की प्रतिक्रिया अवधि, सही प्रतिशत, समय से पहले उत्तर और छूटे लक्ष्य साथ दिखाएँ। समान सटीकता वाले प्रयासों में गति या समान समय सीमा में सटीकता की तुलना करें। अलग-अलग समय सीमाओं पर गति–सटीकता वक्र बनाना एक मिश्रित अंक से अधिक पारदर्शी है। तुलना में संकेत की कठिनाई, सही उत्तर की संभावना, गलती और गति के पुरस्कार तथा निर्देश समान रखें, क्योंकि इनका बदलाव निर्णय सीमा को बदल देता है। केवल सही उत्तरों का समय लेने पर तेज गलतियों की कीमत छिप सकती है।
अभ्यास की उपयोगी शर्तें
- पहले न्यूनतम स्वीकार्य सटीकता तय करें और उसके स्थिर होने के बाद ही समय सीमा छोटे चरणों में घटाएँ। सीमा टूटते ही कठिनाई वापस करें, ताकि अनुमान लगाना अभ्यास की मुख्य रणनीति न बने।
- एक समय में संकेत की स्पष्टता, विकल्पों की संख्या या उपलब्ध समय में से केवल एक बदलें। इससे पता चलता है कि कठिनाई दृश्य पहचान, निर्णय या प्रतिक्रिया चयन में बढ़ी।
- तेज गलत उत्तर, धीमे सही उत्तर, छूटा लक्ष्य और समय से पहले प्रतिक्रिया पर अलग जानकारी दें। कई सत्रों में समान दशा दोहराकर देखें कि बेहतर संतुलन टिकता है या केवल एक दिन की रणनीति है।
निष्कर्ष की सीमा
एक संयुक्त अंक अलग रणनीतियों को समान प्रदर्शन जैसा दिखा सकता है: कोई व्यक्ति तेज होकर अधिक गलतियाँ कर सकता है, जबकि दूसरा धीमा होकर अधिक सही उत्तर दे सकता है। उपयुक्त संतुलन कार्य के परिणामों पर भी निर्भर करता है; खेल में छोटी गलती और सुरक्षा से जुड़े निर्णय की गलती बराबर नहीं हैं। किसी अभ्यास में बेहतर वक्र उसी प्रकार के संकेत और पुरस्कार व्यवस्था पर सबसे पहले लागू होता है। हर तेज निर्णय अधिक सही होने का निष्कर्ष नए कार्यों पर स्वतंत्र जाँच के बिना नहीं निकाला जा सकता।